महाराष्ट्र मे प्रजातंत्र की रक्षाके लिए और धार्मिक और भाषाई नफ़रत को रोकने के लिए,महानगर चुनावों में सिर्फ़ कांग्रेस को वोट देना समय की ज़रूरत है - किशोर तिवारी
तारीख - १२ जनवरी २०२६
हाल ही में हुए नगर परिषद् और नगर पंचायत चुनावों में, महायुति की भाजपा और शिंदे सेना ,अजीत पवार राष्ट्रवादी पार्टियों ने हर वोटर को खरीदकर और मुस्लिम वोटरों को वोट न देने के लिए पैसे बांटकर सारे चुनाव जीते। अब, वोटरों को खरीदे बिना सिर्फ़ विपक्षी उम्मीदवारों को खरीदने का "राहुल नार्वेकर पैटर्न" पूरे महाराष्ट्र में शुरू हो गया है। भारत रत्न बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा संविधान के ज़रिए दी गई प्रजातंत्र सत्तारूढ़ पार्टी तानाशाही में बदला रही है। जबकि भजपा की बी टीम ओवैसी और राज ठाकरे चुनावों में हिंदू, मुस्लिम और मराठी अमराठी का मुद्दा उठाकर महायुति पार्टियों के लिए जीत का रास्ता बना रहे हैं, अब सुजान मतदाताओंके के पास प्रजातंत्र को ज़िंदा रखने का एकमात्र विकल्प कांग्रेस ही बचा है और किसान नेता किशोर तिवारी कांग्रेस को वोट देने की अपील की है।
२०२५ में जब विदर्भ में हर दिन ४ मराठी किसान आत्महत्या कर रहे होंगे, तब "ठाकरे भाइयों" को मराठी लोगों की याद क्यों नहीं आती?
जिन मराठी लोगों को पिछले साल २०२५ में २००९ किसानों नए पश्चिमी विदर्भ में की आत्महत्या की गई थी,पर ठाकरे बंधू एक भी मराठी किसान घर नहीं गए और जब मराठी लोगों के मुंबई से विस्थापन कर रहे है उसपर शिवसेना मनसे ने विस्थापन हर वक्त मौन रखा , भाजपा और राज ठाकरे की धार्मिक और भाषाई नफ़रत फैलाकर अशांति पैदा कर रहे है , नमाज़ और अज़ान का मुद्दा उठाकर मुस्लिम समुदाय को परेशान कर रहे हैं।मुंबई में शांति सर्व धर्म सदभाव और विकास के लिए कांग्रेस मजबुत करना समय की मांग है।
अंबानी के बेटे की शादी में नाचने और अडानी से डोनेशन लेने वाले "ठाकरे ब्रदर्स" का गुजराती विरोध दिखावा है।
ठाकरे बंधु का गौतम अडानी, से समय-समय पर डोनेशन लेना और मुकेश अंबानी के बेटे की शादी में नाचना एक मराठी माणूस मुर्ख बनाना है उनका अडानी-अंबानी विरोध यश एक पाखंड है और पिछले ३ सालों में मुंबई की हज़ारों एकड़ ज़मीन अडानी को महाराष्ट्र सर्कार देने पर "ठाकरे ब्रदर्स" की चुप्पी एक रहस्य है। पिछले २५ सालों में मुंबई के विकास पर वोट न मांगते हुए धर्म, भाषा और जाति वोट मांगना अनुचित है। बिहारी उत्तर भारतीय गुजराती तमिल बोलने वाले लोगों को धमकाने का यह काम राज ठाकरे का अमराठी वोटरों को भाजपा की तरफ मोड़ने का काम है और भाजपा की तानाशाही रोकने के लिए कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प है, जो सभी धर्मों, भाषा और जाति के वोटरों के हितोंमे है जबकी भाजपा लोकतंत्र विरोधी तानाशाही अडानी अम्बानी का राज ला रही है। किशोर तिवारी ने आने वाले चुनावों में कांग्रेस को मज़बूत करने की गुज़ारिश की है।
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